सीने से लगा मुझको – शिशिर मधुकर

वो मेरे पास आया था दे गया पर दगा मुझको
मुहब्बत में हर इंसा नें हमेशा ही ठगा मुझको

वो मेरे साथ रहता है मगर मेरा नहीं दिखता
ढूंढने से भी कोई ना मिला मेरा सगा मुझको

ये सपना हुआ तो क्या हुआ ना तोड़ तू इसको
सुकून को लूट लेने दे खुदाया ना जगा मुझको

तेरे दर पे मैं बैठा हूँ तू जलवे तो नुमाया कर
यूँ ना बेदर्द बन के दूर नज़रों से भगा मुझको

कई बेचैनियां मधुकर भी साझा अब करे कैसे
कभी बाहों में भर तू भी सीने से लगा मुझको

शिशिर मधुकर

4 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 25/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/10/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 27/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/10/2018

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