अगर दिल खूबसूरत है – शिशिर मधुकर

अगर दिल खूबसूरत है नज़र चेहरे पे आता है
कोई मुखड़ा मुझे हरदम तभी इतना लुभाता है

मुहब्बत वो नहीं समझा उम्र गुजरी है पर सारी
साथ एक ऐसे इंसा का मुझे हर पल सताता है

बंधा ममता के बंधन में बड़ा मज़बूर है इंसान
बिना प्रीति के रिश्ते को वो फिर भी निभाता है

मन से जिसने कभी घर को मंदिर नहीं समझा
वो इसको शिद्दतों से फिर कभी भी न सजाता है

मुहब्बत जो नहीं देता बस अपनी सोच गैरों को
उसे भी कोई अपने पास मधुकर ना बुलाता है

शिशिर मधुकर

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