झलक – शिशिर मधुकर

झलक जब प्रेम की सच्चे किसी रिश्ते में मिलती है
कली डाली पे देखो तब यहाँ गुल बन के खिलती है
हवाओं का हसीं झोंका ज्यों ही छू कर गुजरता है
हर एक पत्ती तब इस पेड़ की खुश हो के हिलती है

शिशिर मधुकर

4 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 11/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/10/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/10/2018

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