मन से तो पा लिया – शिशिर मधुकर

तन से तुम्हें ना पा सकी मन से तो पा लिया
तेरी छवि को दिल में सनम मैंने बसा लिया

मेरी खुशी को देख के दुनिया भी जल गई
चेहरे का नूर यही सोच बस मैंने छुपा लिया

कोई मुझे तुमसे अलग कर ही नहीं सकता
सांसों में तेरी खुशबू को जो मैंने समा लिया

चूमने का मन तेरे अंग अंग को जब किया
खत को तेरे अपने होठों से मैंने लगा लिया

जब कभी भी बात दिल में रुक नहीं पाई
मधुकर तेरे सपने में आ उसको सुना लिया

शिशिर मधुकर

4 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 11/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/10/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/10/2018

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