तुमको ख़बर होगी – शिशिर मधुकर

मेरी नज़रों से खुद को देख लो तुमको ख़बर होगी
ये मेरी ज़िंदगी तेरे जलवों के बिन कैसे बसर होगी

तेरी अपनी मुसीबत है ये सच स्वीकार है मुझको
मगर रस्ता कोई तो देख जिससे मुझ पे महर होगी

अगर डूबा रहा सूरज तो अंधेरा खुश हो अकड़ेगा
उम्मीदें जिंदा रखने को ना फिर कोई सहर होगी

मुहब्बत की तड़प दिल में अगर उठने से रुक जाए
किसी सागर में फिर तो ना कभी कोई लहर होगी

तू कर इक बार फिर हिम्मत और पहलू में आ मेरे
बात अपनी मुहब्बत की मधुकर सारे शहर होगी

शिशिर मधुकर

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/10/2018

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