वो कौन है

पता नहीं
वो कौन है मेरे लिए
पता नहीं
मैं कौन हूँ उसके लिए
मेरे लिए
वो कोई परी नहीं
ना हीं कोई गुड़िया है
सांवली सी सूरत वाली
सलोने मुखड़े वाली
दिल की भोली-भाली है

पता नहीं
वो कौन है जो
बड़ी ही बेबाकी से
बहुत कुछ कह जाती है
मैं बस उसे सुनते रहना चाहता हूँ
उसके कानों से लटकते कर्णफूल को
उसके नाक पर मौजूद बुंदे को
उसके गालो में इंकित तिल को
बस देखते रहना चाहता हूँ

शायद वो कोई जादूगरनी हीं है
जो अपने घने केशो से
सब कुछ अँधेरा कर देती हैं
और अपनी मुस्कान से
रौशनी भर देती है

मेरा उससे कोई बंधन तो था नहीं
पर जो वो बांधे मुझे
तो बंधना चाहता हूँ
अगर वो बहकाये मुझे तो
संग उसके बहकना चाहता हूँ

वो चाहे मुझे फिर
मिले या ना मिले
शायद दिखे या ना दिखे
पर उसे मैं अपनी यादों में
हमेशा देखना चाहता हूँ
रब अगर कभी कुछ
देना चाहे मुझे तो
मैं रब से
उसकी खुशियां माँगना चाहता हूँ-अभिषेक राजहंस

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  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 11/10/2018

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