संकट – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

संकट अगर आज है, तो कल टल जायेगा
भरोसा रखिये, हंस कर निकल जायेगा।

ज्यादा दिन तक, कोई भी रुक नहीं सकता
मेहमान सा, अपने आप वह चल जायेगा।

कभी खुशी, कभी गम में जीवन चलता है
सूरज की तरह ही, शाम को ढल जायेगा।

धेर्य व विश्वास, जमाकर तो आप देखिये
कोसिये मत आप, नसीब बदल जायेगा।

गीता के वचन, केवल आप याद रखिये
अज्ञानता में, ज्ञान का दीप जल जायेगा।

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 10/10/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 11/10/2018

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