भाईचारा – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

समझो क्या है भाई चारा
बिन इसके है कहाँ गुजारा।

बिन मेल कुछ कहाँ है संभव
साथ मिले तो दिखे किनारा।

हर प्रयास में संग जरूरी
है सफल जब साथ तुम्हारा।

अच्छी नीति मेल ही होता
एक दुसरे का बने सहारा।

सब के सपने होते पूरे
जब रिश्ते बनते हों प्यारा।

जिद पर काम नहीं है चलता
जो न समझा वही है हारा।

मिल मिलाकर करते जो काम
बन जाते आँखों का तारा।

नहीं अकेला कर कुछ सकता
जगह – जगह फिरता है मारा।

है समाज संसार पुराना
बनते कितने राज दुलारा।

5 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 24/09/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 24/09/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/09/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/09/2018

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