कल्पना – डी के निवातिया

आऒ जानें ….कल्पना क्या है ……….!!

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प्रत्यक्षानात्मक अनुभवों की ये कुँजी है
बिंबों और सृजन विचारों की ये पूँजी है
विचारणात्मक स्तर की रचनात्मकता
‘कल्पना’ नियोजन पक्ष की है रोचकता !!

दिवास्वप्न व मानसिक उड़ानें का प्रसार
साहित्यिक, कलात्मक वैज्ञानिक आधार
मानसिक, रचनाकार्य को देती है प्रारूप
‘कल्पना’ सृजनात्मक प्रतिभा का स्वरूप !!

भौतिक जीवन विलासिता की ये जननी है
भविष्य कर्म फल विकास की ये तरणी है
सुरम्य तरंगों और सरसता का आलोक है
बनावट व बुनावट का ये मार्मिक लोक है !!

कल्पना एक शक्ति है और इसका उपयोग करो
सकारात्मक भावो के सृजन से भरपूर भोग करो
निरभ्र गगन में उन्मुक्त हो रोमंचक उड़ान भरो
मन सरोवर की तरंगों में इंद्रधनुषी रूप प्राण भरो !!
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स्वरचित : – डी के निवातिया

6 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 24/09/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 19/11/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 19/11/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/09/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 19/11/2018

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