जिंदगी एक पहेली

कभी रूठी,तो कभी उलझी है,
कभी उम्मीद तो कभी सुलझी है।
कभी साथ तो कभी अकेली है,
बस जिंदगी एक पहेली है।।

कभी संवरते वक़्त के साथ रूठी है,
तो कभी रूठे वक़्त के साथ संवरी है।
कभी लगती अपनी सहेली है,
बस जिंदगी एक पहेली है।।

कभी झरने की तरह बहती है,
तो कभी सूखा तालाब बन जाती है।
कभी उम्मीदों के संग खेली है,
बस जिंदगी एक पहेली है।।

कभी फूलों की तरह मुस्कुराती है,
तो कभी पतझड़ ही बन जाती हैं।
कभी हरियाली के रूप मे फैली है,
बस जिंदगी एक पहेली है।।
बस जिंदगी एक पहेली है।।।

अजंली

8 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 18/09/2018
    • AnjalI yadav 18/09/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 18/09/2018
    • AnjalI yadav 18/09/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/09/2018
    • अंजली यादव Anjali yadav 20/09/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 19/09/2018
    • अंजली यादव Anjali yadav 20/09/2018

Leave a Reply