अधूरापन मेरा – शिशिर मधुकर

अधूरापन मेरा अब तो मुझे परेशान करता है
तेरा बदला रवैया हरदम मुझे हैरान करता है

एक बुरे वक्त में हमने कई साझा किए थे दुख
यही सब सोच के ये मन तेरा सम्मान करता है

बड़ा धुआँ सा उठता है आग लगती ही जाती है
जब किसी और का तू सामने गुणगान करता है

लुटाया प्रेम निज सारा अब तो नज़दीक न आए
कत्ल कितनी सफाई से देखो नादान करता है

लाख कोशिश करी मैंने आस अब भी नहीं टूटी
अब पूरा ना वो मधुकर मगर अरमान करता है

शिशिर मधुकर

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 20/09/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/09/2018

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