हरतालिका तीज – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

भक्ति में थी लीन पार्वती शिव शंकर का
साधना में तल्लीन पार्वती शिव शंकर का।

देख सखी, सखी की हालत तब कुर्बान हुई
बाधा विघ्न सब दूर करने को भान हुई।

पार्वती को घर से हर, वन में लाई थी
साधना तब जाकर, पार्वती कर पाई थी।

हरतालिका का मतलब भी तो जाने हम
पार्वती जी शिव शंकर को भी माने हम।

हरित – अपहरण, तालिका – सखी, पहचान करें
हर पत्नी, पति के लिए ही तो , परित्राण करे।

विनती सुनकर शिव शंकर दौड़े आते हैं
पार्वती के वचनों में वो घिर जाते हैं।

आँख मिचौली ये सब, प्यार भरा नजारा है
भाद्र तृतीय शुक्ल पक्ष, पत्नी का प्यारा है।

सोलह श्रृंगार ब्रत  तीज, एक दिवस उपवास
पति की लम्बी उम्र की, चलता आया इतिहास।

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/09/2018
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 15/09/2018

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