बड़ा गहरा समुन्दर है – शिशिर मधुकर

तुम्हें तो पा लिया मैंने अब तो बस चैन पाना है
किसी भी हाल मे ये साथ तो हरदम निभाना है

बड़ी जालिम है ये दुनिया ढूंढ़ती रहती है मौके
इसकी चालाकियों से भी मुझे तुमको बचाना है

बड़े ग़म सह लिए मन में यही अब ठाना है मैंने
ना रोउँगा मैं कभी तन्हा ना ही तुमको रुलाना है

बड़ी शिद्दत से बनता है घरोँदा जग में कोई भी
इसे ही मान के सब कुछ मुझे तो अब सजाना है

बड़ा गहरा समुन्दर है मेरे दिल में ज़रा झांको
अपना हर राज़ मधुकर अब मुझे इसमें छुपाना है

शिशिर मधुकर

Leave a Reply