जन्मे कृष्ण मुरारी-Bhawana kumari

रात आई थी काली अंधियारी
तब जन्मे थे कृष्ण मुरारी ।
न जाने कैसे खुल गई सारे ताले
और टूट गई बेड़ियाँ सारी
सो गये थे दरबान सारे के सारे
देख वासुदेव-देवकी की खुशियाँ
अम्बर ने भी खुशियाँ बरसायी ।
तब चले वासुदेव कृष्ण को लेकर
गोकुल धाम नन्द के द्वारे
पर यमुना का जल स्तर
हर पल बढ़ता जाये।
जिसे देख वासुदेव भी घबड़ाये
पर वो हिम्मत न हारे
वासुदेव चल रहे थे आगे आगे
पीछे शेषनाग फन फैलाये ।
गोकुल पहूँच यशोदा की बेटी गोद उठाये
और फिर कृष्ण को वहाँ सुलाये
फिर आ पहूँचे व मथुरा
देखा सबने फिर से लग गए सारे ताले ।
आ गयी खुद हाथो में बेड़ियाँ
उठ गये थे दरबान सारे
जब देखा दरबान ने
देवकी की गोद में बालक
खबर पहूँचा दिया कंस को सारे ।
कंस ज्योहि उसे मारने आया
उसने रच दी अपनी माया
कह दिया कंस से तूझे मारने जो है आया
वह पहूँच गया गोकुल धाम हमारे ।

भावना कुमारी

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/09/2018
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 03/09/2018
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 04/09/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 04/09/2018
  4. अंजली यादव अंजली यादव 04/09/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 04/09/2018
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 04/09/2018
  6. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 04/09/2018

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