तू ही जग का पालन हार – अनु महेश्वरी

कान्हा कर सब पे उपकार,
तू ही जग का पालन हार।

इंसान तेरी ये माया,
कभी समझ न पाया,
हमे जो भी मिल रहा है,
तेरे सहारे ही चल रहा है,
फिर इंसान क्यो है इतराए,
खुद का किया सब बताये।

कान्हा कर सब पे उपकार,
तू ही जग का पालन हार।

नासमझ बन अकड़ता,
मोह जाल में जकड़ता,
अपना सुदर्शन चलाओ,
सब पे कृपा बरसाओ,
भ्रमित मति सुधर जाए,
तेरी छवी मन मे बस जाए।

कान्हा कर सब पे उपकार,
तू ही जग का पालन हार।

बस इतनी कृपा तुम बरसाना,
बस इतनी कृपा तुम बरसाना।

अनु महेश्वरी

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 01/09/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 31/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 01/09/2018
  3. rakesh kumar rakesh kumar 31/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 01/09/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 04/09/2018
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/09/2018

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