सुख की चिंता – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

सुख की चिंता क्यों करते हो
दुख तो पहले तुम पार करो।
घबरा जाते क्यों हो दुख से
गलती अपनी स्वीकार करो।

तेरा साथी संकट भी है
उस पर भी तुम विचार करो।
खुशी – गम की गाड़ी है दो
इतना तो ऐतबार करो।

जीवन है यह आँख मिचौली
वक्त का बस इंतजार करो।
याद रहे वो गीता तुमको
कर्मो से अपने प्यार करो।

याद रहे कर्तव्य तुम्हारा
सपना अपना साकार करो।
सुख में भी इसको मत भूलो
ऐसा जीवन श्रृंगार करो।

5 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 30/08/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/08/2018
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 31/08/2018
  4. rakesh kumar rakesh kumar 31/08/2018
  5. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 03/09/2018

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