भारत की छटा – डी के निवातिया

भारत की छटा

 

मेरे भारत में जनता की, रीत बड़ी निराली है,
जो दिल को बहला दे ये उसकी ही सवाली है
दिन को रात कहने वालो की ये भरते हामी है
यहाँ पर ऐसे भक्तों की भीड़ बड़ी ही भारी है

सत्य-अहिंसा और प्रेम से यहां सरोकार किसे है
सुनी-सुनाई को हकीकत में बदलने के पुजारी है !!

अपनी पसंद के नेता चुन हम बनते बड़े दीवाने -२
मालूल है करतूत सभी की, फिर भी अच्छा माने
देखकर बुराईयां उनकी, हम मौन बन रह जाते है
अंधेभक्तो की सूची के फिर सरगना बन जाते है

पुरखो की शिक्षा शायद अब काम आई है
तभी तो प्रेम से मीठा बोल नीति अपनाई है
गुंडों को मोहक वाणी से जनता भरमाई है
इस अदा मैं फँसकर सदियों से जान गवाई है

क्या कहे अनपढ़ लोगो की यंहा तो,
पढ़े लिखे लोगो ने भी बुद्धि गवाई है
बन कर अंधे भक्त अंगूठा टेको के
खुद अपने हाथ अपनी लुटिया डुबाई है

फिर भी देखो यंहा कितनी समझदारी है
मिलते है दोस्तों की तरह एक दूजे से
पर दिलो में सबने दूजे से नफरत पाली है
क्योकि यंहा अंधे भक्तो की भीड़ भारी है
इसीलिए मई कहता हु मेरे दोस्तों की ,
मेरे भारत की छटा बड़ी निराली है – २ !!

 

!! डी के निवातिया !!

14 Comments

  1. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 29/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018
  3. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 30/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 31/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018
  5. rakesh kumar rakesh kumar 31/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 01/09/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018
  7. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 03/09/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018

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