बंधन तोड़ कर देखो – शिशिर मधुकर

ये बंधन तोड़ कर देखो कितनी राहें बुलाती हैं
अगर धक्का नहीं दोगे झूलें भी ना झुलाती हैं

अगर बच्चा नहीं रोए तो ममता दिख नही पाती
तभी तो लोरियां गा गा के मां उनको सुलाती हैं

हार कर ज़िन्दगी में जो कभी टूटा नहीं करते
वक्त आने पे उनके सीनों को मंज़िल फुलाती हैं

दर्द दीवार दिल की तोड़ जब नैनॊं से रिसता है
बोझ दिल का घटाने को ही येआँखें रूलाती हैं

जो भी ठहरा नहीं करते सदा कुछ करते रहते हैं
उन्हीं को याद रख मधुकर ये पुश्तें ना भुलाती हैं

शिशिर मधुकर

8 Comments

  1. rakesh kumar rakesh kumar 31/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/09/2018
  2. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 01/09/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/09/2018
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 04/09/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/09/2018
  4. अंजली यादव अंजली यादव 04/09/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/09/2018

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