हसरत-ऐ-ज़िद – डी के निवातिया

हसरत-ऐ-ज़िद

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बेवजह करते हो हसरत-ऐ-ज़िद
तुम हमारा इम्तिहान क्या लोगे !
मिलाओगे गर नज़रो से नज़र तो
खुद ही शर्म से नज़रे झुका लोगे !
भूल न करना मेरी कब्र पे जाकर
रोशन -ऐ -चिराग की मेरे हमदम
नादाँ हो अपना हाथ जला लोगे !!
!
डी के निवातिया

8 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 27/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018
  2. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 27/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018
  4. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 04/09/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/09/2018

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