तेरी आवाज़ सुन के – शिशिर मधुकर

मुझको इकरार है कि मैं तुम्हीं से प्यार करती हूँ
तुम्हारा घर सदा महके तभी फूलों सी झरती हूँ

तुम मेरे साथ रहते हो मुझे ग़म की नहीं परवाह
बन के छाया मैं तो बस एक तेरी तन्हाई हरती हूँ

बिना तेरे मेरा जीवन यहाँ हर क्षण अधूरा है
अगर सूरज हो तुम मेरे तुम्हारी मैं भी धरती हूँ

प्रेम जिससे भी होता है उसका भय नही होता
तुम्हें बतला दिया मैंने कि मैं तुमसे ना डरती हूँ

तुम भी जान लो अपना असर अब मेरे जीवन में
तेरी आवाज़ सुन के ही तो मैं मधुकर निखरती हूँ

शिशिर मधुकर

4 Comments

  1. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 28/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/08/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 31/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/08/2018

Leave a Reply