कान्हा कान्हा पुकारे ये दिल – अनु महेश्वरी 

कान्हा कान्हा पुकारे ये दिल रे,
अपने भक्तो से आकर मिल ले।

रात दिन लगी तेरी ही धुन रे,
भक्तो की पुकार अब सुन ले,
तुम दर्श आकर दिखा जाओ,
सभी के गम को मिटा जाओ।

कान्हा कान्हा पुकारे ये दिल रे,
अपने भक्तो से आकर मिल ले।

गर भरोसा तुमसे उठ जायेगा,
मुश्किल से फिर बन पायेगा,
कैसे तुझे बात यह समझाए,
बता दे कैसे तुझे हम रिझाए।

कान्हा कान्हा पुकारे ये दिल रे,
अपने भक्तो से आकर मिल ले।

नैना ये तेरे दर्शन की प्यासी,
व्याकुल हुए दर्शनाभिलाषी,
बिन देर किये अब तो आजा,
आकर निराशा को मिटा जा।

कान्हा कान्हा पुकारे ये दिल रे,
अपने भक्तो से आकर मिल ले।

अनु महेश्वरी

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 01/09/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 25/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 01/09/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 01/09/2018

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