शहादत – Bindeshwar Prasad Sharma (bindu)

तिरंगा बना है कफ़न दोस्तों
इस भारत भूमि को नमन दोस्तों।

होती है इवादत शहादत की
अपना है ऐसा वतन दोस्तों।

वीरों की धरती सदा ही रही
गुलिस्ताँ है अपना चमन दोस्तों।

सरहदों पर कुर्बान शहीद हुए
दुश्मन को करके दमन दोस्तों।

सरफरोशी दिल में तमन्ना लिए
हवाले इनके तन – बदन दोस्तों ।

वीरों की गाथा बताएँ भी क्या
ये अपने वतन के रतन दोस्तों।

देकर आजादी अमर हो गये
उनको तो कर लें जतन दोस्तों।

समाज सोया है जगा दो उसे
न होने दो तिरंगा हरण दोस्तों।

सत्य अहिंसा धर्म मूल मंत्र है
इसको होने न दो पतन दोस्तों।

One Response

  1. davendra87 davendra87 23/08/2018

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