वतन इश्क़ से ऊंचा इश्क़ नहीं है…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

सुनो तुम आजाद हिन्द के वासी….
करना कभी तुम न हमसे किनारा…
देकर लहू हमने सींचा वतन है….
रहे ऊंचा मस्तक वतन ओ हमारा…

धरम न जाती कुछ भी न देखा…
वतन राह में न कभी ऐसी रेखा…
सूली चढ़े हैं हंस हंस के सभी जो….
तिरंगा यह चमका है सबसे प्यारा….

कदम से कदम मिला तुम चलना…
हाथ पकड़ दूसरे का तुम चलना…
दुश्मन की चालों में तुम न आना…
रखना विश्वास तुम अपना हमारा…

मनाओ जो होली रंग देश मिलाना…
दिवाली में इक दीप हमारा जलाना…
नहीं भूल जाना हमें याद रखना…
सांसें तुम सबकी में जीवन हमारा….

दीप आजादी का हमने जलाया…
लौ तुम इसकी न कम होने देना…
पड़े भीड़ अपने वतन पे अगर जो…
लहू से दिए की लौ तुम भी बढ़ाना….

वतन इश्क़ से ऊंचा इश्क़ नहीं है…
नस नस में इसको बहने दो भाई…
गंवाओ न यूं नशों में ज़िंदगानी…
‘चन्दर’ नशा देश सबसे है प्यारा…
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/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)

(स्वतंत्रता दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनायें….जय हिन्द….जय हिन्द की सेना….जय हो….)

6 Comments

  1. अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव 16/08/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 25/08/2018
  2. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 16/08/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 25/08/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/08/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 25/08/2018

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