जो मेरा बस चले – शिशिर मधुकर

जो मेरा बस चले कभी तुम्हें ना दूर जाने दूँ
कहीं गैरों के साथ तुमको ना हुज़ूर जाने दूँ

तुमको ख़ुशी देने से सुकून मिलता है मुझको
नशीली अँखियों से तेरी कभी ना नूर जाने दूँ

तुझे हर पर रिझाने का जो मौक़ा मिले मुझको
कभी दक्षिण ना तेरे चेहरे का सुरूर जाने दूँ

तेरी सब बलाएं मुझे यहाँ हंस कर कबूल हैं
तेरे माथे पे अब ना कोई भी कसूर जाने दूँ

तुम साथ रहते हो तो हर मौसम है मिलन का
मधुकर नज़र से दूर ना ये मस्त मयूर जाने दूँ

शिशिर मधुकर

8 Comments

  1. अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव 16/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/08/2018
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/08/2018
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 18/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/08/2018
  4. अंजली यादव Anjali yadav 20/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/08/2018

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