कितने आजाद हो आप

आज देश में
हर कोई खुद को आजाद कहता है
पर क्या सही मायनों में आजाद है आप
पूछिए ना अपने आप से
कितने आजाद है आप

आप कांवरिये बनकर
सडको पर हल्की खरोंच आने पर भी
किसी की गाड़ी ही तोड़ देते हो
फिर कैसे आजाद हो आप
आप गुलाम हो
अपने तथाकथित गुस्से और अहंकार के गुलाम

आप अपने आप को
भारतीय कहते हो ना
तो फिर क्यों माथे पर जाति का स्टाम्प लगा के घूमते हो
तो क्यों क्षेत्रवाद के नाम पर ,किसी पर ऊँगली उठाते हो
आखिर क्यों भाषा के नाम पर
किसी का मजाक बनाते हो
आप पूछो ना अपने -आप से
कितने आजाद हो आप

आप तिरंगे की कसम खाते हो
और किसी के रंगरूप या शरीर का मजाक उड़ाते हो
आप रंगभेद करते हो
आप जाति के नाम पर भी
खूब तमाशा करते हो
किसी छोटी जाति वालो को
बराबर की कुर्सी पर नहीं बैठाते हो
आप किसी के मंदिर जाने पर रोक लगाते हो
किसी के जाने के बाद मंदिर धुलवाते हो
आप पूछो ना अपने आप से
कितने आजाद हो आप

आप कहते हो की
आप अपने घर की महिलाओं को
आजादी दे रखे हो
क्या आप सुप्रीम कोर्ट के जज हो
आप आजाद देश में
आजादी देने वाले होते कौन हो
आप बताओ ना
कितने आजाद हो आप

आप जाति, धर्म और लिंग के आधार पर
बंटते भी हो और बांटते भी हो
सोशल मीडिया पर
एक दुसरे को उकसाते भी हो और उकसते भी हो
वोट के नाम पर ,नोट के दाम पर
कटते भी हो और काटते भी हो
तो बताओ ना
कितने आजाद हो आप

आप इस आजाद देश में गुलाम ही हो
अपनी ख़त्म ना होने वाली इच्छाओं के गुलाम
जिसके कारण आप चोरी डाका डालते हो
अपनी हवस के गुलाम
जो किसी बहन-बेटी को नोचने को उठते हो
आप गुलाम हो अपने धर्म के
क्योकि आप गले में ताबीज और माथे पर चन्दन लगाते हो
आप गुलाम हो अपनी जाति के
जो कामो को अपनी जाति के आधार पर बांटते हो

मैं पूछता हूँ आपसे
क्यों लड़के घर में रोटियां नहीं बना सकते
क्यों लड़कियां सडको पर बाइक नहीं चला सकती
अगर आप इस सोच के गुलाम हो
तो फिर पूछो ना अपने -आप से
इस आजादी
कितने आजाद हो आप—अभिषेक राजहंस

One Response

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/08/2018

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