आजादी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

नाम की है आजादी या किस काम की आजादी
अंग्रेज की आजादी या हिन्दुस्तान की आजादी।
सत्तर साल में अमीर का या गरीब की आजादी
खून की आजादी है या बलिदान की  आजादी।
किसान की आजादी या मजदूर की आजादी
लगता नही कि आया हिन्दुस्तान की आजादी।
बलात्कार की आजादी अपहरण की  आजादी
लूट की आजादी है या फिर खून की  आजादी।
बेईमान की आजादी शैतान की आजादी
घूस की आजादी है रिश्वतखोर की आजादी।
नेता अभिनेता की है या दबंग की आजादी
नौकर सरकारी और शासन सत्ता की आजादी।
वादे की आजादी कसमें खाने की आजादी
दहशत की आजादी दहशतगर्द की आजादी।
फांसी की आजादी उजड़े सिंदूर की आजादी
आता नहीं याद तुम्हें उस वीर की आजादी।
मिली है गरीबों को रोते रहने की आजादी
आधी पेट खाकर ही जिंदा रहने की आजादी।
हो रहा बेकार क्यों ऐसे बुजुर्गो की आजादी
कूटनीति की चाल है या सियासत की आजादी।
शासन प्रशासन सत्ता में मौन की आजादी
इज्जत लुटती देख मन में खामोश की आजादी।

  • बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

    बाढ़ – पटना

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/08/2018

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