खुदा का है दरबार – अनु महेश्वरी

 

जग में हम सभी किरायेदार,
दुनिया खुदा की है दरबार,
अस्थायी है अपना निवास,
बाकी बातें सभी निराधार|

सभी को जाना है एकबार,
मन में क्यों रखे फिर भार,
ख़तम कर दिलों का मतभेद,
अब न लड़े हम यहाँ हरबार|

मिटा के मनके हर उद्गार,
दिल से भेदभाव सब उताड़,
छोटे बड़े का भेद ख़तम कर
हम माने सभी का आभार|

अनु महेश्वरी

15 Comments

  1. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 11/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 13/08/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/08/2018
  3. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 13/08/2018
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 14/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 18/08/2018
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 16/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 18/08/2018
      • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 18/08/2018
  6. अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव 17/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 18/08/2018
  7. अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव 17/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 18/08/2018
  8. rakesh kumar rakesh kumar 31/08/2018
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 01/09/2018

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