घिर गया हूँ – शिशिर मधुकर

घिर गया हूँ हर तरफ़ उलझन के जाल में
चैन अब आए ना मुझको कैसे भी हाल में

मुकद्दर से ज्यादा वक्त देता नहीँ कुछ भी
अब तो दम लगता है बस इस मिसाल में

सिंह भी तन्हा अगर रह जाए इन वनों में
घिर जाएगा एक दिन वो कुत्तों की चाल में

घास सीने पर मिला हर युद्ध में मुझको
ताकत कभी दिखी ही नहीं मेरी ढाल में

ये नाव जीवन की मधुकर आगे बढ़े कैसे
जब हो गए है छेद बड़े अपने ही पाल में

शिशिर मधुकर

8 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 09/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/08/2018
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 10/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/08/2018
  3. Arivesh kumar 10/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/08/2018
  4. अंजली यादव अंजली यादव 13/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/08/2018

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