आये वही दफनाने को

फ़कत फायदे का
लगा रोग जमाने को
ना फुर्सत है ,ना वो शामें
हाले दिल सुनाने को

खिलौने नही लोग दिल चुनते है
तन्हा मन बहलाने को
आराइस की आजमाइस देखो
आई फिर महकाने को

मैंने भी खोकर
आँखे अपनी देखी है
जो रोये रातभर मय्यत पर
आये वही दफनाने को

10 Comments

  1. Rinki Raut Rinki Raut 05/08/2018
    • rakesh kumar Rakesh kumar 08/08/2018
    • rakesh kumar Rakesh kumar 08/08/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 06/08/2018
    • rakesh kumar Rakesh kumar 08/08/2018
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/08/2018
    • rakesh kumar Rakesh kumar 08/08/2018
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/08/2018
  5. rakesh kumar Rakesh kumar 09/08/2018

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