तेरा ही दास है – शिशिर मधुकर

आँखों में तेरे ख्वाब हैं पर तू ना पास है
तन्हा सी मेरी ज़िन्दगी कितनी उदास है

यूँ तो राहें ज़िंदगी में अपने भी मिल गए
कोई भी मगर यहाँ तुझ सा ना खास है

गुज़र गई है ज़िन्दगी अब तो तमाम सी
तेरे सिवा ना अब किसी से कोई आस है

मेरी धड़कनों की तू आवाज़ सुन के देख
उनमें अब तलक बस एक तेरा ही वास है

तुझसे जो मिल गया न किसी और ने दिया
मधुकर तभी तो आज भी तेरा ही दास है

शिशिर मधुकर

8 Comments

  1. Rinki Raut Rinki Raut 05/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/08/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 06/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/08/2018
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/08/2018

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