दोहा : गुरु

गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरुजी के श्री चरणों मे समर्पित चंद दोहे….

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साढ़ मास की पूर्णिमा,गुरु पूनम कहलाय ।
गुरू ज्ञान की जोत से,तम को दूर भगाय ।।

“गु”और “रू” के मेल से,अन्धकार टर जाय ।
गुरू ज्ञान का पुंज है,सब विधि लियो मनाय ।।

अन्धकार को दूर कर,देते राह दिखाय ।
गुरू कृपा है बलबती,यह गोविन्द बताय ।।

गुरू अलौकिक तेज़ सम,बन पूनम सारंग ।
रोशन सारा जग करे,ज्ञान जोत ले संग ।।

गु गहरा अंधियार है,रु को रोका जान ।
इन दोनो के मेल से,हुआ गुरु निर्माण ।।

साढ़ मास पूनम तिथी,मनभावन है घाम ।
देख मनाता आज जग,दिवस एक गुरु नाम ।।
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नवीन श्रोत्रिय”उत्कर्ष”

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6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/07/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 23/07/2018
  3. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 23/07/2018

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