इश्क कोई तिजारत नही है – अनु महेश्वरी

जब मिलन की इजाजत नहीं है,
प्यार में फिर सदाकत नहीं है।

शर्त कोई कभी हो न इसमें,
इश्क कोई तिजारत नही है।

आज तुम भूल बैठे हमें क्यों,
अब तुम्हें क्या मुहब्बत नही है।

तुम उदासीन हो क्यों बतादो,
तुमसे कोई अदावत नही है।

तुम नहीं हो अगर मेरे मुक़द्दर,
फिर हमें भी शिकायत नही है।

 

अनु महेश्वरी

3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/07/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 23/07/2018
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 26/07/2018

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