प्रणय के देवता-शिशिर मधुकर

दिल के तुम्हारे पास हूँ पर नज़रों से दूर हूँ
रिश्तों के जाल में फंसी मैं यहाँ मजबूर हूँ

तुमने जो मेरे होंठ से पीया था मय का जाम
उल्फत के नशे में अब तेरे मैं भी तो चूर हूँ

तुम जो बने हुए हो मेरे इस रूप की चमक
मैं भी तुम्हारी आँखों का उजला सा नूर हूँ

चर्चे तेरे ही नाम के होते थे हर इक दिशा
तुमसे मिली तो मैं भी यहाँ अब मशहूर हूँ

तुम हो प्रणय के देवता कोई नहीं शुबहा
मधुकर तेरी ज़न्नत की मगर मैं ही तो हूर हूँ

शिशिर मधुकर

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/07/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/07/2018
      • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/07/2018
        • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/07/2018
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/07/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/07/2018

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