कोका कोला – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

हाय रे तेरी कोका कोला ये पेप्सी की बोतल
मिलती सब जगह है भैया रेस्तराँ कहो या होटल।

कार्बोकृत पेय ठंढ़ी है भैया मतलब कोका कोला
350 ग्राम पेय में इसने 10 चम्मच चीनी घोला।

बढ़ी बीमारी डायबिटीज की बीपी हो रहे हाय
अब तो छोड़ो इनको भैया कर लो बाय बाय।

पानी से भी बत्तर है भैया अब लत इसकी छोड़ो
देखा देखी करते क्यों हो अब तो चुप्पी तोड़ो।

बीमारी का घर है भैया नादानी का जहर है
स्वस्थ कैसे रह पाओगे जब फैली गाँव शहर है।

लूट रहे हैं अब हमें विदेशी दवा दारू और ठंडा में
उलझा के सबको चले गये चिकेन बिरयानी अंडा में।

चाय की लत लगवा दी उसने दूध बेचारा अब रोये
सुवह सवेरे विस्तार से उठके चाय से ही मुँह धोये।

कहे कविराज बिन्दु सबसे अब तो संभलो भाई
अपनी रक्षा खुद कर लेना कर लो जतन ए भाई।

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/07/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 21/07/2018
  2. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 20/07/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 21/07/2018
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/07/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 21/07/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 20/07/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 21/07/2018
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/07/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 21/07/2018
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/07/2018
  7. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 21/07/2018

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