गीत झूठे खुशहाली के – डी के निवातिया

गीत झूठे खुशहाली के

***

ऐ राजनीति झूठे वादों पर मत जा
बंद नयनो को ज़रा खोलकर देख !
आसमा छूने वाले धरा पर मति ला
हकीकत को सच में तोलकर देख !!

जब फूल नहीं हाथ एक भी माली के
क्यों गाते हो गीत झूठे खुशहाली के
चमन उजाड़ आशियाँ सजाये अपने
टुकड़े छीन खा गए गरीब कि थाली के !!

कहने को तूने क्या क्या न किया
मुफ्त में जाने क्या क्या न दिया
तस्वीर धुंधली रखते हो हर वक़्त
अमृत के बहाने जहर भी है दिया !!

अगर तेरे घर में भी कोई ऐसा होता
चल तू ही बता फिर हाल कैसा होता
भूख से तड़पता, कुपोषण से जूझता
गर तेरे हाथ न हराम का पैसा होता !!

!

डी के निवातिया

इस तस्वीर ने लिखने को मज़बूर कर दिया

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/08/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 19/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/08/2018
  3. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 19/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/08/2018
  4. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/08/2018
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 19/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/08/2018
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 19/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/08/2018
  7. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/08/2018

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