ईर्ष्या को मन से त्याग दो – शिशिर मधुकर

खुशियां पानी है जीवन में ईर्ष्या को मन से त्याग दो
झगडे फ़साद पर पानी डालो उनको ना कोई आग दो
प्रेम ही जीवन बगिया में सुख की वर्षा कर सकता है
कड़वी बातों को छोड़ो सब दिल में ना कोई दाग़ दो

शिशिर मधुकर

8 Comments

  1. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 02/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/08/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 03/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/08/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/08/2018
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/08/2018

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