जीवन – अनु महेश्वरी

कागज की नाव पानी मे बहाना याद है,
जीवन में प्यार के सपने सजाना याद है|

बेफिक्र दोस्तों के साथ दूर निकल जाना,
घर आकर माँ की खूब डांट खाना याद है|

रात में पढ़ते पढ़ते ही सो जाया करना,
रोज सुबह माँ का प्यार से उठाना याद है|

हमेशा दोस्तो की मदद को तत्पर रहना,
उनकी कामयाबी का जश्न मनाना याद है|

समारोह में अचानक सबका चुप हो जाना,
फिर खिलखिलाकर वो हसना हँसाना याद है|

 

अनु महेश्वरी

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/07/2018
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 14/07/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 16/07/2018
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 18/07/2018

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