पायल – डी के निवातिया

“पायल”

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तुम जितना धीरे चलती हो, पायल उतना शोर करती है !
धड़कने दिल कि बहक जाती है, ये गज़ब का जोर करती है !!

रह-रहकर यूँ सताती है, दिल बहकने को मज़बूर हो जाए
गर करे जो शिकायत इनसे, इशारा हमारी ओर करती है !!

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डी के निवातिया

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8 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 11/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/07/2018
  2. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 11/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/07/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/07/2018
  4. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 25/07/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/08/2018

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