ज़रूरी है

आज अरसे बाद
ये बात जरुरी है
तुमसे जो अब तक हो ना पायी
वो मुलाकात जरुरी है
कमबख्त दिल है ना
फिर से कहीं टूट ना जाए
इसलिये ये एहतियात जरुरी है
ये ख्वाब है मेरा
अभी अधूरा देखा है मैंने
पूरा करने के लिए
तुम्हारा साथ जरुरी है
ये दिल है मेरा
ऐसे तो नहीं उधार में बेचूँ
दिल का सही खरीददार जरुरी है
दिल में बसे वो दिलदार जरुरी है-अभिषेक राजहंस

2 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 10/07/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 10/07/2018

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