ना होते फिर ये वीराने -शिशिर मधुकर

कहो किसको सुनाएं हम मुहब्बत के वो अफ़सानें
यहाँ अपना पराया कौन है अब तक ना पहचाने

सदा बदनाम होते हैं झूठ वो कह नहीं सकते
सबको खुद सा समझते हैं उल्फत में ये दीवाने

कभी सोचें ना आगे की फ़ना कर देते हैं साँसें
शमां के साथ जलने को मचलते हैं जो परवाने

शमां जो ना पिघलती और परवाना जवां होता
हर तरफ रोशनी होती ना होते फिर ये वीराने

करो कुछ भी मगर तुम ना करो सौदे कभी दिल के
सब कुछ लुटा आए हैं मधुकर सब को समझाने

शिशिर मधुकर

8 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 02/07/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/07/2018
  2. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/07/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/07/2018
  3. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 02/07/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/07/2018
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/07/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/07/2018

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