जब दिल में मुहब्बत होती है- शिशिर मधुकर

जब दिल में मुहब्बत होती है नज़रों से बोला करती है
मुँह से निकली हर बात भी तब राज़ों को खोला करती है

जब फूल जुबां से झरते हैं चेहरे पे हया सी होती है
आशिक के कानों में गोरी तब अमृत को घोला करती है

जब प्यार किया ना सोचा कुछ बस दिल चुपके से दे डाला
व्यापार की खातिर ही दुनिया रिश्तों को तोला करती है

जो प्राण बसे हों आशिक में पाना खोना बेकार है सब
ऐसी गोरी को कुछ भी दो पर नीयत ना डोला करती है

छाँव मिलेगी प्रेम की जो शीतलता मन में छाएगी
नफ़रत की भाषा तो हरदम हिम को भी शोला करती है

शिशिर मधुकर

11 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 30/06/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/06/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 30/06/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/06/2018
  3. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 30/06/2018
  4. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 30/06/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/06/2018
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 30/06/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/06/2018
  6. davendra87 davendra87 30/06/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/07/2018

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