कभी तुम कह नहीं पाये…सी.एम्.शर्मा (बब्बू)…

ग़ैर-मुदर्रफ़ (ग़ज़ल बिना रदीफ़)

कभी तुम कह नहीं पाये कभी मैं सुन नहीं पाया…
ज़रा सी बात से देखो ज़हर रिश्तों में घुल आया….

नहीं जो पास था मेरे रही चाहत उसी की बस…
मिला मुझको नहीं वो और जो था पास गंवाया…

करोगे बात दिल से तुम अगर तो राह निकलेगी…
चमकती बिजलियों ने घोर बादल को भी दहलाया…

जमाने भर की खुशियां भी उसे खुश कर नहीं पायी…
जगी जब प्रीत दिल में तो, तभी सावन बरस आया….

नहीं ले जाएगा कोई जहां से कुछ कभी ‘चन्दर’….
जहां को जीत कर के भी सिकंदर ने ये समझाया….
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/सी.एम्.शर्मा (बब्बू)

12 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 28/06/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 30/06/2018
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 28/06/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 30/06/2018
  3. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 28/06/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 30/06/2018
  4. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 28/06/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 30/06/2018
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/06/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 30/06/2018
  6. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 30/06/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 30/06/2018

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