जिंदगी के रंग

जिंदगी के भी अजीब रंग है,
नमक है ज्यादा चीनी कम है।
कभी लगती है रंगों से भरी,
कभी बहुत ही बदरंग है।
कभी तो हैं खुशियां अपार,
कभी इसमें गम ही गम है।
कभी लगती है मुस्कुराती सी,
कभी आँखे बहुत ही नम है।
कभी मिलता है प्यार ही प्यार,
कभी नफरत की मार है।
कभी चमकती है सोने सी,
कभी दिखती लोहे की जंग है।
कभी परिपूर्ण है आशा से,
कभी निराशा का भँवर है।
कभी झौंका है तेज हवा का,
कभी मानो कटी हुई पतंग है।
कभी चलती है बादलों से तेज़,
कभी थमा हुआ समुद्र है।
कभी लगती है सुरीली तान,
तो कभी बेसुरा गान है।
जिंदगी है नाम इसी का,
जो जीने के सिखाती हजारों ढंग है।
By:Dr Swati Gupta

18 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 27/06/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 28/06/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 27/06/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 28/06/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/06/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 28/06/2018
  4. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 27/06/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 28/06/2018
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 28/06/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 28/06/2018
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 28/06/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 28/06/2018
  7. Narendra Singh 08/07/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 11/07/2018
  8. अन्सार पिंजारी 12/07/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 13/07/2018
  9. kiran kapur gulati Kiran kapur Gulati 22/07/2018
  10. Sandip kumar 25/07/2018

Leave a Reply