तू जो कहे

तू उस आंसू की तरह
आंख मे ही सुख जाए
वो गीत
मन जो गाता जाए
बात कुछ ऐसी
जो कही न जाए

वो फरियाद
जिससे जुडी मेरी आस
एक ऐसा राज
जो दफ़न हो मेरे साथ

तू जो कहे
ओढ़ लु तेरा ही रंग
तेरे नाम को पढू
आयत बना के
तुझे ही सिमरु
माला बना के

तू उस आंसू की तरह
आंख में ठहर जाए
सपनो की तरह
तू उस दुआ की तरह
जो कुबूल हो जाए
किसी भी तरह

रिंकी

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 22/06/2018
    • Rinki Raut Rinki Raut 24/06/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/06/2018
  3. Rinki Raut Rinki Raut 24/06/2018

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