मुझे शिकवा ज़िन्दगी से नही – अनु महेश्वरी

मुझे शिकवा ज़िन्दगी से नही है,
मुझे ईर्ष्या भी किसी से नही है।

ज़खम मैंने खूब जीवन में झेले,
मुझे उम्मीदें कहीं से नहीं है।

अगर साथी ज़िन्दगी में न हो तो,
शिकायत मेरी किसी से नहीं है।

मेरी तो नाराज़गी खुद से ही अब,
किसी की कोई छली से नहीं है।

मुहब्बत की बात करते सभी है,
निभाई जाती किसी से नहीं है।

अनु महेश्वरी

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/06/2018
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/06/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 22/06/2018
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/06/2018

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