मुझे डर लगता है

पापा….
मुझे डर लगता है
भीड़ में आपकी ऊँगली ना छूट जाए
इस बात से डर लगता है
सुनिये ना पापा
आपके बिना जीने के डर से ही
मुझे डर लगता है

पापा….
आपके काँधे पे बैठ के जो देखा
वो हीं मुझे मेला लगता है
आपके खिलाये गोलगप्पे चाट पकोड़े
फिर से खाने को जी करता है
आपके बिना एक कदम भी चलने में
मुझे डर लगता है

पापा….
जो बचपन में कान उमेठा आपने
एक बार और उमेठो ना
जैसे पहले डांटते थे मुझे
एक बार और डांटो ना
सुनो ना पापा
आपके बिना दुनिया में
सब अँधेरा लगता है
मुझे डर लगता है
मुझे डर लगता है…अभिषेक राजहंस

3 Comments

  1. कृष्णा पाण्डेय कृष्णा 18/06/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 19/06/2018
  3. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 20/06/2018

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