समंदर बन गयी आँखें

मेरे दिल की दीवारों पर , तेरी तस्वीर छायी है
तुम जब से दूर हुुई मुझसे , उदासी जमके आयी है
अज़ीयत में तो देखो तुम , ये कैसा हाल मेरा है
समंदर बन गयी आंखें , तबाही जमके आयी है

 

कवि – मनुराज वार्ष्णेय

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 14/06/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 15/06/2018

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