झूम उठा हर गांव

कोयल की कूँ कूँ
कोये की कांव
बरस रहे बदरा
झूम उठे है गांव

खेतो में मोर
पानी में मेंड़क
अंधेरा छाया आसमा में
पर हर कली है जगमग

घूम घूम बदरा घनघोर
मोर नाच रहे चारो ओर
इन्द्रधनुष है उस जहां में
फुदक रहे नन्हे चितकोर

सुख का बदरा बरस गया
मायूस चेहरा भी खिल गया
ज़हां खुश हुआ किसान
झूम उठा हर गांव

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 13/06/2018
    • PATHAK JEE PATHAK JEE 15/06/2018

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