Tu mil bhi jaye

किसी को मूरत या सूरत से प्यार था
हमे तो बस दीवानो से प्यार था
लोगों को झील सी आँखो , गुलाबी होठों से प्यार था
एक हमीं थे ज़िसे तेरी हसी से प्यार था

जुदाई ने तेरी पहली दफा
आंसुओं से मेरी मुलाकत करायी थी
दूर ज़रूर गयी तू , मुझसे पर
तेरी तस्वीर इन् आँखो में बसाई थी

“थी ” क्यूँकी , अब तुझसे नहीं
तेरी य़ादों से प्यार है
तेरी हसी से नहीं
अपने आंसुंसे प्यार है

आँखो का काजल ,गालों की लाली
तेरे होठों की मुस्कान से प्यार है
तेरे ज़िस्म से नहीं मुझे
मुझे तो तेरी रूह से प्यार है

उन लम्हो से प्यार है , जो तेरे संग बीते नहीं
उन ख्वावो से प्यार है ,जो तेरे संग देखे नहीं
तेरे न होने से नहीं ,मेरे होने से प्यार है
तेरी बातों से नहीं ,य़ादों से प्यार है

तू लौट भी आये ,तो मै न मिलूँ
तुझसे नहीं ,तेरी दूरियों से प्यार है
अंधेरों में इतना रहा हूँ मै
कि अब रोशनी से नहीं , अंधेरों से प्यार है

6 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 02/06/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 02/06/2018
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 02/06/2018
  4. PATHAK JEE PATHAK JEE 02/06/2018
  5. mukta mukta 04/06/2018
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/06/2018

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