तुझ सी विभा लिए – शिशिर मधुकर

ए गुल तेरे शबाब ने दिल तो लुभा लिए
चाहत में तेरी हाथ ने पर कांटे चुभा लिए

वैसे तो बाग में सभी फूलों पे नूर था
लेकिन दिखा ना कोई भी तुझ सी विभा लिए

माना की ज़ख्म भर गए पर दाग़ रह गए
तेरी ख़ुशी के वास्ते सब हमने निभा लिए

वो कितने बदनसीब हैं जो समझे न तेरा मोल
तुम तो गए जहाँ भी गए केवल शुभा लिए

मन में अगर विकार है मिलता नहीं है प्यार
मधुकर वो तन्हा बैठे हैं केवल सुभा लिए

शिशिर मधुकर

13 Comments

  1. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 31/05/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/05/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 31/05/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/05/2018
      • C.M. Sharma C.M. Sharma 31/05/2018
  3. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 31/05/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/05/2018
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 31/05/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/05/2018
  5. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 31/05/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/05/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/06/2018

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